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प्रथम प्रयास में IAS कैसे बने ?

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सिविल सर्विसेज 2017 में  में यूपीएससी द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर बताया गया था कि लगभग 33% छात्र अपने प्रथम दो प्रयास में ही सफल हो जाते हैं। वर्ष 2015 की IAS टॉपर टिना डाबी ने अपने प्रथम प्रयास में तो सर्वोच्च रैंक तक हासिल किया। उपर्युक्त आंकड़ा एवं उदाहरण कई छात्रों के उस मिथक को तोड़ने के लिए काफी था  कि आईएएस जैसी कठिनतम परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफल नहीं हुआ जा सकता। परंतु केवल उदाहरण का सहारा लेकर भी सफल नहीं हुआ जा सकता। इसके लिए कड़ी मेहनत, सफल रणनीति, निरंतर लेखन अभ्यास इत्यादि की जरूरत पड़ती है। प्रथम प्रयास में ही यदि आपको सफलता प्राप्त करनी है तो फिर आपको ठीक वैसी ही रणनीति अपनानी पड़ेगी जैसा कि प्रथम में ही पूर्व में आईएएस में सफल होने छात्रों ने अपनायी। यहां हम जिन रणनीतियों की चर्चा कर रहे हैं वे सफल छात्रों द्वारा अपनायी गयी रणनीति हैं जिसे उन्होंने अपने विभिन्न माध्यमों में दिये गये साक्षात्कार के द्वारा अभिव्यक्त किया। यहाँ हम उन रणनीतियों की चर्चा कर रहे हैं, जिनसे आप अपने प्रथम दो प्रयासों में ही न केवल आईएएस परीक्षा में सफल हो सकते हैं वरन् अच्छी रैंक भी प्राप्त कर सकते हैं आईए जानें वे कौन सी रणनीति है :-how-to-crack-civil-services-exam-in-first-attempt


परीक्षा प्रणाली को अच्छी तरहा जानना :-
सबसे पहले तो आपको आईएएस परीक्षा को  अच्छी तरह से समझना चाहिये। इसके लिए आप परीक्षा प्रणाली  से बखूबी परिचित हो लें।
‘मैंने छठी से 12वीं क्लास तक की सारी एनसीईआरटी पुस्तकें पढ़ डाली और केवल उन्हीं पर निर्भर रहा। द हिंदू से प्रतिदिन नोट्स बनाता था। मैं अपने बीटेक के चौथे वर्ष में ही तैयारी आरंभ कर दिया था।’ 

-अरुणराज (आईएएस 2015, प्रथम प्रयास)


पाठ्यक्रम से सुपरिचित होनाः-

सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम आपकी पूरी तरह से पता होना चाहिये। एक तरह से मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम आपके दिमाग में चिपका होना चाहिये। पाठ्यक्रम से सुपरिचित होने पर ही आप अध्ययन के दौरान उपयोग और गैर-उपयोगी टॉपिक्स, मुद्दों या तथ्यों में भेद कर सकते हैं।


करेंट अफेयर्स पर सर्वाधिक बल:-

द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, सिविल सर्विसेज के लिए UPSC IAS GURU Facebook Group  से नियमित तौर पर संक्षिप्त नोट बनाते रहें। इनका नियमित अध्ययन आवश्यक है। चूंकि सिविल सेवा परीक्षा ( प्रारंभिक व मुख्य ) के सामान्य अध्ययन के अधिकांश  प्रश्नों का संबंध करेंट अफेयर्स से होता है। प्रारंभिकी में तो लगभग 30 से 40 प्रतिशत एवं मुख्य परिक्षा मे लगभग 60  प्रतिशत प्रश्न करेंट से ही प्रत्यक्ष  या अप्रत्यक्ष रूप से जुडे़ होते है।


मॉक टेस्ट:-

कोचिंग ज्वाइन करना न करना आपकी च्वाइस, क्षमता या अन्य परिस्थितीयों पर निर्भर करता है परंतु मॉक टेस्ट तैयारी का हिस्सा होना अनिवार्य है। निरंतर मॉक टेस्ट देने से आप खुद को सिविल सेवा परीक्षा के अनुरुप ढाल तो सकेंगे  ही समय-समय पर आपका स्वमूल्याकन होता रहेगा। ये मॉक टेस्ट आपको निर्धारित समय में प्रश्न हल करने में भी रियल टाइम एक्मजाम में मदद करेगी।


संक्षिप्त व टू डी प्वाइंट नोट्स की निरंतरताः-

नो्ट्स बनाने के संदर्भ में मैं यहां अर्चिता शुक्ला का उदाहरण देना चाहूंगा जिन्होंने अपने प्रथम प्रयास में ही वर्ष 2015 की सिविल सेवा परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की। उनके अनुसार ‘मैं एक पृष्ठ पर एक करंट टॉपक लिखने का प्रयास करती थी जो कि संक्षप्त एवं टू डी प्वाइंट हुआ करता था। जैसे कि ‘जुबेनाइल जस्टिस बिल’। यह क्या है, पहले क्या था, अब क्या है, इसके सकारात्मक-नकारात्मक पक्ष, संशोधन के कारण और आगे का भविष्य उपशीर्षक बनाकर नोट्स बनाये’ यहां उनके वर्णन से स्पष्ट है कि प्रतिदिन आप किसी टॉपिक को लिखने का प्रयास करें और उसके सभी पक्षों को सक्षिप्त एवं टू डी प्वाइंट लिखें इससे तीन-चार महीनों में ही प्रासंगिक टॉपिक की एक अच्छी-खासी सूची तैयार हो जाएगी ।


ऑप्शनल वही जो आपको भाये:-

मुख्य परिक्षा में सामान्य अध्ययन की अत्यधिक महत्ता होते हुए भी ऑप्शनल की भूमिका से इंकार नही किया जा सकता। यह आपकी सफलता या असफलता का मार्ग निर्धारित कर सकता है। हाल के वर्षों में वैकल्पिक विषय में अच्छे नंबर लाकर कई छात्र सामान्य अध्ययन में अंक की कमी की न केवल भारपायी की वरन् इसी बदौलत टॉप 100 में भी स्थान बनाया। आप उसी वैकल्पिक विषय का चुनाव करें जिसे पढ़ने एवं लिखने में आप काफी दिलचस्पी लेते हों। वैकल्पिक विषय से जुड़ी मानक पुस्तकों का अध्ययन उपन्यास की तरह करें अर्थात अध्ययन के दौरान पूरी तरह से विषय से तादात्म्य स्थापित कर लें। अर्चिका शुक्ला को सामान्य अध्ययन के 1000 अंकों में 402 अंक मिले जबकि उन्हें उनके ऑप्शनल विषय मेडिकल साइंस में 500 में 286 अंक मिले।


प्रारंभिकी एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी एक साथ:-

जिन छात्रों ने भी अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की, सभी ने प्रारंभिकी एवं मुख्य परीक्षा की तैयारी अलग-अलग नहीं किया। दोनों की तैयारी समेकित रूप से किया। चूंकि प्रारंभिकी परीक्षा का सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र तथा मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के चारों पत्र व निबंध बहुत हद तक समान ही हैं। दोनों परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि दोनों परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्न में अंतर होता है परंतु प्रश्न जहाँ से पूछे जाते हैं वे क्षेत्र लगभग समान ही हैं।


एनसीईआरटी पुस्तकों का अध्ययनः-

जिस तरह भारतीय संविधान के मूल में मौलिक अधिकार हैं उसी प्रकार सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी का आधार एनसीईआरटी पुस्तक हैं। अपने प्रथम प्रयास में सफल होने वाले लगभग 90 प्रतिशत छात्रों ने एनसीईआरटी पुस्तकों का बारंबार अधययन किया और विभिन्न विषयों पर अपनी अवधारणा को स्पष्ट किया। 6ठी से 12वीं क्लास की एनसीईआरटी की सारी पुस्तकों को दो बार पढ़ जायें। वस्तुत: आप तैयारी की शुरुआत भी इन्हीं पुस्तकों से कर सकते हैं। इन पर आधारित प्रश्नों को भी हल करना काफी लाभदायक सिद्ध हुये हैं।


कम पुस्तकों का अध्ययनः-

एक टॉपिक के लिए अधिक से अधिक पुस्तकें नहीं पढे। एक-दो पुस्तक पर्याप्त है। वैसे भी यदि आप एक ही मार्ग से प्रतिदिन जायें तो उस मार्ग की छोटी-छोटी चीजों को भी आप याद रखेंगे। वहीं यदि हर दिन अलग-अलग मार्ग से जायें तो किसी मार्ग के बारे में आप अच्छी तरह नहीं जान पायेंगे।


पूर्व वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण:-

हालांकि संघीय सिविल सेवा परीक्षा में विगत वर्षों में पूछे गये प्रश्न न के बराबर दुहराये जाते है, इसके बावजूद उनका अध्ययन व विश्लेषण अनिवार्य है। इनसे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के ट्रेंड का पता चलता है। ट्रेंड एनालिसिस से आप अपने अध्ययन के तरिके की रणनीति भी बना सकते हैं। क्या पढना है, क्या छोड़ना है, इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा इन प्रश्नों के द्वारा अपने प्रश्नोत्तर लेखन का भी अभ्यास कर सकते हैं। प्रथम प्रयास मे सफल छात्रों ने इसी रणनीति का अनुपालन किया।


लेखन अम्यास:-

मुख्य परीक्षा में अध्ययन के चारों पत्रों में छात्रों की आम शिकायत यह रहती है कि उन्होंने सारे प्रश्नों का जवाब नहीं दे पाया। समय की कमी महसूस हुयी। यह एक बड़ी समस्या है। मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन सफलता में सर्वाधिक भूमिका निभाती है। सफल होने के लिए आपको सारे प्रश्नों का जवाब देना पड़ेगा।चूंकि सारे प्रश्नों के अंक समान होते हैं इसलिए किसी एक प्रश्न पर अधिक समय देने के बावजूद आप पूर्णांक से अधिक अंक  प्राप्त नहीं कर सकते।


टू डी प्वाइंट लेखन :-

क्या आपको पता है कि विज्ञान के छात्र किसी मानविकी विषय को हिंदी माध्यम में भी लिखकर क्यों एक प्रयासों में ही सफल हो जाते हैं ?क्योंकि वे टू डी प्वाइंट लिखते हैं। उन्हें लंबे – लंबे वाक्य लिखने की कला मे महारत हासिल नही होती जो उनके लिए लाभदायक व अंकदायी सिद्ध होता है।


साक्षात्कार:-
साक्षात्कार की तैयारी के दौरान अपनी बायोडाटा, अपनी पृष्ठभूमि, यदि जॉब मे  हैं तो उससे संबंधित जानकारियां, स्नातक/परास्नातक के विषय, राज्य-जिला से संबंधित सुचनाओं से पूर्णतया वाकिफ हो जाये।
निबंध: निबंध के लिए महात्मा गांधी, ब्राहम लिंकन, नेल्सन मंडेला, मार्टिन लूथर किंग, मदर टेरेसा जैसे महान व्यक्तियों के कुछ उद्धरणों को याद कर लें। कई बार निबंध उन्हीं के कथनों से पूछ लिये जाते हैं या फिर नहीं भी पूछे जाने पर आप निबंध में उन उद्धरणों का समावेशन कर सकते हैं।

मानक भाषा का प्रयोग:-
मानक भाषा का इस्तेमाल करें।मानक भाषा में निम्नलिखित चीजें शामिल हो सकती है:-
1. बोलने आप देशज भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं परंतु लेखन में उसका इस्तेमाल से परहेज करना चाहिये। क्योंकि आप नहीं जानते कि आपका उत्तर कौन जांच रहा है। हो सकता है कि आप जिस देशज शब्द का इस्तेमाल कर रहे हों, उसके बारे में दुविधा में पहुंच जाये। हर देशज भाषा का अपना शब्दभंडार होता है। जो अन्य से काफी अलग होता है।
2. व्याकरणिक शुद्धता पर बल देना चाहिये। व्याकरणिक दोषों से मुक्त भाषा होनी चाहिये।
3.लच्छेदार भाषा भी नहीं होनी चाहिये। मुहावरे और लोकोक्तियाँ कम से कम हो और अभिव्यक्ति के लिए पांच-छह शब्दों के बजाये यदि एक शब्द का ही प्रयोग करें तो आपके समय की काफी बचत होगी। अनेक शब्दों के एक शब्द पर कमांड जरूरी है।
4. लेखन शैली प्रभावी होनी चाहिये। प्रभावी लेखन शैली से मतलब है भाषा प्रवाहपूर्ण होनी चाहिये
सामान्य अध्ययन व निबंध पर विशेष बलः यदि आपको प्रथम प्रयास में ही सफल होना है और टॉप 100 में रैंकिंग बनानी है तो आपको सामान्य अध्ययन के चारों पत्रों एवं निबंध में अच्छे अंक लाने पडेंगे। वर्ष 2015 में कुमार हर्ष ने अपने प्रथम प्रयास में ही 43वीं रैंक हासिल किये थे। कुमार हर्ष ने सामान्य अध्ययन (मुख्य) में 413 अंक व निबंध में 145 अंक हासिल किये थे।
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