HomeCareer Course

मनोवैज्ञानिक कैसे बने – How to become psychologist

Like Tweet Pin it Share Share Email

-साइकोलॉजिस्ट Become a psychologist

-सुलझाएं मन की उलझने वर्तमान में तनाव हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा बन चुका है नौकरी पारिवारिक जीवन मानवीय संबंधों में खींचतान आर्थिक तंगी या अन्य कारणों से अधिकतर आबादी तनाव में जी रही है इससे कई व्यवहार गत और और समायोजन की समस्याएं जन्म लेती है जिन से बाहर निकलने का रास्ता सुझाते हैं साइकोलॉजिस्ट बतौर साइकोलॉजिस्ट करियर की अपार संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं । Become a psychologist do these courses

– लंबे समय तक रहने वाला किसी भी तरह का तनाव बाद में डिप्रेशन का रूप ले सकता है विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर विश्वास किया जाए तो भारत की 6% से अधिक आबादी किसी न किसी रूप में इसी मानसिक तनाव रोग से प्रभावित है अगर इसे संख्या की दृष्टि से देखा जाए तो यह 7 करोड़ से अधिक की आबादी है किसी भी देश की इतनी बड़ी आबादी का मानसिक विकार या रोग के कारण गैर उत्पादक होना वाकई चिंता का विषय कहा जा सकता है इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि ऐसे रोगियों को अपने डिप्रेशन अथवा मानसिक रोग का एहसास तक नहीं होता और एक कारण यह भी है कि उनकी काउंसिलिंग उपचार के लिए देश में मनोवैज्ञानिकों मनोचिकित्सक आदि की जबरदस्त कमी स्थिति है । Become a psychologist do these courses

-क्या काम है मनोवैज्ञानिकों का

विभिन्न कारणों से विकसित मानसिक असंतुलन की स्थिति अथवा डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों को उनकी परेशानियों से और सोच की दिशा को सामान्य बनाने का प्रयास ऐसे विशेषज्ञ के द्वारा किया जाता है यह उपचार मेडिकल साइंस से संचालित उपचार की भांति नहीं बल्कि उनकी व्यवहार यानी सोच समझ और चिंतन की प्रक्रिया में धीरे-धीरे बदलाव लाकर करने की कोशिश की जाती है इस क्रम में भावी जीवन के प्रति आशा जगा कर नए सिरे से शुरुआत करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाता है समायोजन बेहतर करने खोया हुआ स्वाभिमान आत्मविश्वास वापस लाने में भी ये मददगार सिद्ध होते हैं । Become a psychologist do these courses

-साइकोलॉजी और साइकोएनालिसिस में फर्क

मोटे तौर पर बात करें तो साइकोलॉजि मनोविज्ञान विषय का लक्ष्य मानव मस्तिष्क द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में लिए जाने वाले निर्णय और व्यवहार का विश्लेषण करना है यही नहीं इस क्षेत्र के काउंसलर स्टीक निर्णय करने में भी एक हद तक सहायता करते हैं दूसरी और साइकोएनालिसिस अपने आप में एक प्रणाली है जिसमें निहित विभिन्न तकनीको पद्धतियों का इस्तेमाल कर यह जानने का प्रयास किया जाता है कि किन्हीं विशेष स्थितियों में मानव मस्तिष्क द्वारा किसी खास तरह का फैसला अन्य विकल्पों के होने के बावजूद कैसे लिया गया उन कारकों पर भी इस क्रम में गौर किया जाता है जिनके आधार पर ऐसे व्यक्तियों द्वारा निर्णय लिए जाते हैं इस दौरान व्यक्ति को हीन असहाय होने की भावनाओं से उबरने का प्रयास भी किया जाता है इतना ही नहीं अपनी मजबूरियों के कारण दबाई गई इच्छाओं और आकांक्षाओं से डिप्रेशन को समझने और उसके प्रभाव का विश्लेषण करने की कोशिश काउंसलिंग के दौरान की जाती है दूसरे शब्दों में अचेतन दिमाग में बसी बातों या यादों के महत्व को समझते हुए उपचार की दिशा का निर्णय किया जाता है । Become a psychologist do these courses

-स्किल्स शांत और धैर्यवान व्यक्तित्व का होना बेहद जरूरी

मानवीय भावनाओं पर आधारित सोच और रोगी के व्यवहार को समझने में दिलचस्पी लोगों को डिप्रेशन से उबरने में मदद करने का जज्बा समाज कल्याण की भावना मानव व्यवहार की सैद्धांतिक और व्यावहारिक बुनियादी समझ कम्युनिकेशन स्किल्स रोगियों तनावग्रस्त लोगों की बातें सुनने और विश्लेषण करने की क्षमता आहत भावनाओं को समझना और आत्मविश्वास जगाने की भावना। Become a psychologist do these courses

– ट्रेनिंग प्रशिक्षण के लिए ग्रेजुएशन स्तर का 3 वर्षीय अवधि का बी ए कोर्स उपलब्ध है नामी संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन दिया जाता है जबकि अन्य संस्थान 12वीं के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची से एडमिशन देते हैं इस कोर्स में छात्रों को समय के साथ तमाम मनोवैज्ञानिक द्वारा विकसित सिद्धांतों से परिचित करवाने का प्रयास किया जाता है इसकी सिलेबस में साइकोलॉजि स्टैटिसटिक्स इंट्रोडक्शन टू काउंसलिंग काउंसलिंग साइकोलॉजी वोकेशनल गाइडेंस चाइल्ड साइकोलॉजी बिहेवियर साइंस काउंसलिंग प्रोसेस रिसर्च मेथाडोलॉजी आधारित होते हैं इनमें प्रैक्टिकल पहलुओं पर भी ट्रेनिंग देने का प्रावधान है कोर्स का उद्देश्य युवाओं को इस प्रोफेशन में एंट्री के लिए प्राथमिक स्तर पर ट्रेंड करना है इसके बाद m.a. साइकोलॉजी और पी एच डी साइकोलॉजी करने की सुविधा देश की कई यूनिवर्सिटीज में उपलब्ध है ।हालांकि कई तरह के काउंसलिंग आधारित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स का महत्व रोगियों की काउंसिलिंग के दौरान पता चलता है साइकोएनालिसिस में भी स्पेसलिस्ट इसी क्रम में किया जा सकता है इग्नू सहित अन्य यूनिवर्सिटी में एम ए साइकोलॉजी कोर्स ओपन यूनिवर्सिटी प्रणाली से भी किया जाता है । Become a psychologist do these courses

-चुनौतियां

हर तरह के मानसिक तनाव से ग्रस्त डिप्रेशन की स्थिति वाले व्यक्ति के उपचार की अलग चुनौती रोगियों के परिवार की जल्द ठीक कर देने की अपेक्षा का तनाव सरकार स्तर पर जॉब्स की सीमित अवस्था प्राइवेट हॉस्पिटल में आकर्षक सैलरी नहीं।

– नियुक्तियां

इनके लिए हॉस्पिटल एनजीओ थेरेपी सेंटर काउंसलिंग सेंटर्स यूनिवर्सिटी स्कूल और इंडस्ट्रियल यूनिट्स आदि मैं काउंसलर की तौर पर नौकरी के अवसर हो सकते हैं इसके अलावा सोशल वेलफेयर संस्थाएं डिफेंस सेक्टर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स जेलो इत्यादि में भी ऐसे ट्रेंड लोगों को नियुक्त किया जाता है करियर की शुरुआती दौर में किसी नामी मनोवैज्ञानिक काउंसलर के साथ रहकर काफी कुछ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ली जा सकती है इस प्रोफेशन को किताबी शिक्षा से नहीं बल्कि मानसिक समस्याओं से ग्रस्त विभिन्न बुरी आदतों या लत के शिकार लोग आदि के उपचार के दौरान भली प्रकार से सीखा जा सकता है बाद में अन्य प्रकार के स्पेशलाइजेशन सर्टिफिकेशन करके अपनी प्रोफेशनल योग्यता को बढ़ाया जा सकता है इसके बाद स्वतंत्र रूप से काउंसलर के तौर पर प्रैक्टिस भी की जा सकती है अमूमन ऐसे नामी और प्रतिष्ठित प्रोफेशनल की फीस काफी महंगी होती है। Become a psychologist do these courses

– कई तरह की है नौकरियां

टीचर, मनोवैज्ञानिक सलाहकार, करियर काउंसलर साइकोलॉजिस्ट मैरिज काउंसलर चाइल्ड काउंसलर इत्यादि पदों पर काम करने के मौके मिल सकते हैं विभिन्न इंडस्ट्रीज में भी वेलफेयर ऑफिस के पदों पर इस तरह के लोगों को रखा जाता है हालांकि इसके साथ अन्य शैक्षणिक योग्यता का होना भी जरूरी होता है टीचिंग का भी क्षेत्र है जहां पर ऐसे लोगों की सेवाओं की जरूरत पड़ती है।

– प्रमुख संस्थान

-दिल्ली यूनिवर्सिटी दिल्ली HTTP://du.ac.in

– यूनिवर्सिटी ऑफ़ लखनऊ लखनऊ http://www.ikouniv.ac.in

– अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़ http://www.amu.ac.in/dei

– दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट आगरा http://www.dei.ac.in/dei

– पटना यूनिवर्सिटी पटना http://www patna university.ac.in

– गुरु मंत्र

यह आम प्रोफेशन नहीं है इसमें सॉफ्ट स्किल की ज्यादा जरूरत पड़ती है उपचार के दौरान ऐसे प्रभावित लोगों का विश्वास जीतना और उनमें सकारात्मक भावना विकसित करना उनके आत्मविश्वास को दोबारा जीवित करने के लिए उनके दुखों और परेशानियों को साझा करना उनके मन की  उलझनों को सुलझाने में मदद करना जैसे काम बहुत आवश्यक होते हैं इसलिए काफी हद तक या प्रोफेशन मानवीय भावनाओं के महत्व को समझने और इन्हीं कारणों या दुर्घटना से मन पर लगी ठेस को सहानुभूति पूर्वक मिटाने पर भी आधारित है इसका सकारात्मक प्रभाव रोगियों में उल्लास और जीवन में आगे बढ़ने की इच्छा के तौर पर सामने आने लगता है इसलिए मानवीय संवेदनाओं को अपने व्यवहार में लाना ऐसे प्रोफेशनल्स को सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। Become a psychologist do these courses


Related Post :

UP PCS परीक्षा: तैयारी की सम्पूर्ण जानकारी

विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष परिषद Innovation Cell

विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल

आयुष्मान भारत योजना का एक समग्र विश्लेषण

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET, AIIMS  संपूर्ण जानकारी

Comments (0)