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अंतरिक्ष कचरा की चुनौती व समाधान

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-अंतरिक्ष कचरा तैरता हुआ खतरा कोई समाधान नहीं 

-इंसान की दखल से अब अंतरिक्ष भी नहीं बचा है चंद्रमा और नजदीकी अंतरिक्ष की सैर तो हम कर ही चुके हैं इसके अलावा कई और तरीकों से इंसान स्पेस में अपनी छाप छोड़ रहा है मनुष्य के अंतरिक्ष में पहुंचने की कई फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी है नुकसान की बात करें तो अंतरिक्ष में इंसान की उपस्थिति के मोटे तौर पर दो प्रभाव पड़ते हैं एक तो इससे वहां भी अंतरिक्ष कचरा पैदा हो रहा है और दूसरा अंतरिक्ष में युद्ध का खतरा भी बढ़ रहा है अंतरिक्ष में कबाड़ पैदा होने के कई कारण हैं पर इसका जो सबसे चिंताजनक पहलू है वह अंतरिक्ष के जंग के मैदान में बदल जाने और इससे वहां ख़तरनाक कचरा पैदा होने की आशंका से जुड़ा है मार्च 2019 में भारत ने मिशन शक्ति अभियान के तहत एंटी सेटेलाइट मिशन का परीक्षण कर जिस तरह एक सजीव उपग्रह को मार गिराया उससे अमेरिका और उसकी स्पेस एजेंसी नासा भी चिंतित दिखे इस बारे में अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा सचिव पैट्रिक शान हान का बयान आया कि अंतरिक्ष को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे परीक्षण नहीं किए जाने चाहिए क्योंकि इससे वहां मलबा फैल रहा है नासा प्रमुख जिम ब्रीडनस्टाइन ने दावा किया था कि इस परीक्षण से नष्ट हुए उपग्रह की चार सौ टुकड़े अंतरिक्ष में बिखर गए हैं इनमें से 24 टुकड़े आई एस एस के ऊपर चले गए हालांकि भारतीय वैज्ञानिकों ने नासा के दावे का खंडन किया भारत ने स्पष्ट किया कि अमेरिका रूस और चीन की बराबरी में आने के लिए भारत ने यह परीक्षण पृथ्वी की निचली कक्षा में किया जिसकी वजह से अंतरिक्ष में मलबा फैलने की आशंका बेहद कम है क्योंकि यह कचरा कुछ ही समय में अपने आप धरती पर आ जाएगा और वायुमंडल के घर्षण से जल जाएगा इस पर यकीन करना मुश्किल होगा पर यह सच है कि मानव निर्मित सबसे पुराना कबाड़ अभी अंतरिक्ष में यह अमेरिका का दूसरा उपग्रह विनगार्ड प्रथम है जो 1958 में छोड़ा गया था इसमें एक सबसे नया कचरा वर्ष 2018 को तब जुड़ा जब अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट फॉल्कन हेवी से स्पेस में लाल रंग की स्पोर्ट्स कार भेजी गई विज्ञापन की एक मुहिम के तहत बूतनुमा यह कार कचरे के सिवाय और कुछ नहीं है प्राइवेट स्पेस एजेंसी स्पेसएक्स और टेस्ला कार कंपनी के मालिक एलन मस्क ने अपनी पुरानी इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार को अंतरिक्ष में भेजकर चर्चाएं तो खूब बटोरी लेकिन वैज्ञानिक बिरादरी ने ध्यान दिलाया कि इसके साथ 2001 की कोलंबिया शटल त्रासदी के बारे सोचिए हो सकता है कि दुनिया इस त्रासदी का असल कारण शायद कभी ना जान पाए वर्ष 2018 में अंतरिक्ष कचरे की आशंका ने सिर उठाया था।

Garbage in space

जब बताया गया कि चीनी स्पेस स्टेशन थियायोंग -1 कबाड़ के रूप में किसी समय पृथ्वी से टकरा सकता है चीनी अंतरिक्ष एजेंसी से इस स्पेस स्टेशन का संपर्क 2016 में ही खत्म हो चुका था उसके बाद से ही इसे खोजने की कोशिश चल रही थी बाद में पृथ्वी पर ही इसके गिरने की जानकारी मिली 9 टन वजनी स्पेस स्टेशन का वजन तक पहुंचते-पहुंचते एक से 4 टन ही रह जाने की खबर से कुछ राहत मिली थी पर वर्ष 1979 में 75 से भी ज्यादा वजनी नासा स्पेस स्टेशन स्काईबेल गिरा था तब दुनिया भर में घबराहट फेल गई थी लेकिन वह बिना कोई नुकसान पहुंचाए समुद्र में गिर कर नष्ट हो गया अंतरिक्ष में पृथ्वी की कक्षा में घूम रही छोटी चीजें न तो निचे आती है और न ऊपर जाती है जैसा की टेस्ला की स्पोर्ट्स कार यह चीजें त्रिशंकु की तरह वही घूमती रहती है और अंतरिक्ष यानो उपग्रह और स्पेस स्टेशनों के लिए खतरा बनी रहती है पिछले 60 वर्षों में जैसे-जैसे विभिन्न देशों की अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियां बढ़ी है वहां धरती से पहुंचने वाला कचरा बढ़ता ही जा रहा है जुलाई 2016 में अमेरिकी स्ट्रैटेजिक कमान ने निकट अंतरिक्ष में 17852 कृत्रिम वस्तुएं दर्ज की थी जिनमें 1419 कृत्रिम उपग्रह शामिल थे मगर यह तो सिर्फ बड़े पिंडों की बात थी इससे पहले 2013 की एक स्टडी में 1 सेंटीमीटर से कम बड़े 17 करोड़ कचरे पाए गए थे और एक से 10 सेंटीमीटर के बीच आकार वाले कचरो की संख्या 670000 पायी गई थी इससे बड़े आकार वाले कचरो की अनुमानित संख्या 29000 बताई गई थी अंतरिक्ष में आवारा घूमती यह चीजें किसी भी अंतरिक्ष अभियान का काल बन सकती है। Garbage in space

– फेरारी ऑफ स्पेस

4 साल पहले यानी वर्ष 2015 की बात है एक मानव रहित रूसी स्पेसक्राफ्ट प्रोगेज m27 एम पर वैज्ञानिकों ने पूरी तरह नियंत्रण खो दिया और यह खतरनाक ढंग से धरती की ओर बढ़ने लगा था रूसी स्पेस एजेंसी के अधिकारी ने अप्रैल 2015 के अंत में यह जानकारी दी थी कि इस स्पेसक्राफ्ट ने छोड़े जाने के कुछ ही समय बाद धरती की ओर गिरना शुरू कर दिया इस स्पेसक्राफ्ट को उसी साल 28 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन आईएस एस के लिए भोजन और तेल सप्लाई करने के लिए रवाना किया गया था लेकिन अंतरिक्ष में पहुंचने पर इसमें गंभीर तकनीकी समस्या पैदा हो गई हालांकि वैज्ञानिकों ने हाल में यह भी बताया कि पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर घर्षण होने से इसका ज्यादातर हिस्सा जलकर नष्ट हो गया फिर भी इसके कुछ टुकड़ों के सबूत बचाने और समुद्र में उनकी गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया गया था। Garbage in space

असल में यह एक तरह से अंतरिक्ष कचरे में तब्दील हो गया था वर्ष 2013 में भी ऐसी ही एक अन्य घटना हुई नवंबर 2013 में स्पेस से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का जीओसीई उपग्रह धरती पर गिरा था हालांकि यह उपग्रह भी पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने के साथ ही जलकर नष्ट हो गया था पर इस से निकला हुआ मलवा पूर्वी एशिया से लेकर पश्चिमी प्रशांत और अंटार्कटिका में गिरा था जेओसीई यानी ग्रेविटी फील्ड एंड स्टेडी स्टेट ओशन सरकुलेशन एक्सप्लोरर नाम का यह एक खूबसूरत उपग्रह था इसलिए इसे फेरारी ऑफ स्पेस नाम दिया गया था जीओसीई को वर्ष 2009 में प्रक्षेपित किया गया था गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन करने के लिए भेजे गए उपग्रह का इंजन समाप्त हो गया था जिसके बाद इसे नष्ट करने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं रह गया था अंतरिक्ष से गिरते उपग्रहों अनियंत्रित यानो के अलावा नजदीकी स्पेस में मौजूद कचरे की समस्या ने पूरी सभ्यता को इस पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है कि आखिर इससे निजात कैसे पाएं अब यह चिंता इसलिए ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि अंतरिक्ष में इंसान का दखल और तेजी से बढ़ने लगा है कुछ समय पहले यूनिवर्सिटी ऑफ साउथहैंपटन के शोधकर्ताओं ने गूगल और स्पेसएक्स जैसी निजी कंपनियों के भावी स्पेस कार्यक्रमों पर नजर डालते हुए अंतरिक्ष में कबाड़ पैदा होने की भावी स्पेस कार्यक्रमों पर नजर डालते हुए अंतरिक्ष में कबाड़ पैदा होने की नई आशंकाओं का आकलन किया है। Garbage in space

इन शोधकर्ताओं के मुताबिक एक तरफ गूगल दुनिया में इंटरनेट का तेज विस्तार करने के लिए सैंकड़ों उपग्रह अगले कुछ सालों में अंतरिक्ष में भेजने वाली है तो दूसरी तरफ पर्यटकों को स्पेस की सैर कराने की योजना में लगी निजी कंपनी स्पेसएक्स भी दर्जनों रॉकेट और सेटेलाइट भेजने वाली है इन योजनाओं के आधार पर आकलन है कि अगले कुछ वर्षों में इन सैटलाइट के अंतरिक्ष में पहुंचने से इनकी बीच होने वाले टककर की संख्या में 50% की बढ़ोतरी हो जाएगी फिलहाल उपग्रह और उनके टुकड़ों के बीच टकराव की हर साल करीब 250 घटनाएं होती है जो अनुमान 375 से 400 तक हो सकती है यह खतरा वास्तविक है इसके अलावा वर्ष 2007 में चीन ने मिसाइल दाग कर स्पेस में मौजूद अपने सैटेलाइट फेगयुन को नष्ट किया था जिससे कचरा पैदा हुआ था अभी पृथ्वी की कक्षा में करीब 1400 सक्रिय उपग्रह मौजूद है इसके अलावा नष्ट हो चुके उपग्रह का विशाल कचरा वहां पहले से उपस्थित है एक अनुमान है कि पृथ्वी की कक्षा में उपग्रह और रॉकेट के 1 सेंटीमीटर से ज्यादा लंबे टुकड़ों की संख्या साढ़े सात लाख है । Garbage in space

-खतरा है कितना बड़ा

खुले आसमान को देखते हुए अगर कोई यह कहे कि हम तो ऐसा कचरा देख रहे हैं जो बेहद खतरनाक है तो हम पर क्या गुजरेगी पर सच तो शायद यही है इसकी पुष्टि एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के खोल विज्ञानिक स्ट्रोकी ने भी एक बार की है स्ट्रोकी के मुताबिक सितारों से भरे जिस आकाश की और हम रात को बड़ी हसरत से देखते हैं वहां कबाड़ के हजारो टुकड़े खतरनाक ढंग से हमारी ओर रुख किए हुए हैं अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस चिंता से सहमत है इस बारे में विज्ञान जनरल साइंस में नासा के वैज्ञानिकों जेसी लियो और  जॉनसन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि हमारी गरीबी अंतरिक्ष में 9000 से ज्यादा ऐसे टुकड़े पृथ्वी की कक्षा में तैर रहे हैं जो आने वाले वक्त में बड़ा ही भयानक दृश्य उपस्थित कर सकते हैं उनका आकलन है कि इनमें 4 इंच और इससे ज्यादा आकार के टुकड़ों का कुल वजन साढे 5 हजार टन हो सकता है इस पूरे प्रसंग में सबसे बड़ी मुश्किल है कि इस कबाड़ को वहां से पृथ्वी पर वापस लाने की कोई योजना नहीं है । Garbage in space

-किसकी है जिम्मेदारी

कुछ समय पहले नासा ने उन देशों की एक लिस्ट तैयार की थी जो अंतरिक्ष में उस कबाड़ के लिए जिम्मेदार है इनमें पहला नाम रूस का है इसके बाद अमेरिका फ्रांस चीन भारत जापान और यूरोपीय स्पेस एजेंसी का नंबर आता है सबसे ज्यादा कबाड़ के पृथ्वी से ऊपर 550 मील से 625 मील के बीच में है हालांकि यह स्पेस जंक धरती पर उड़ने वाले यात्री विमान और 250 मील की ऊंचाई पर स्थित अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं पैदा करता लेकिन अंतरिक्ष में ऊपर तक पहुंचने वाले व्यवसाई और शोधपुरक उपग्रह और अन्य प्रकार की अंतरिक्ष गतिविधियों को संकट में डाल सकता है यह वास्तव में एक भयानक विचार है कि पृथ्वी की कक्षा के ठीक बाहर के अंतरिक्ष में अलग-अलग आकृति और आकार के प्राकृतिक तथा मानव निर्मित कचरे चक्कर काट रहे हैं अंतरिक्ष में पहली बार स्पूतनिक 1 उपग्रह भेजे जाने के बाद से उनसे हजारों टन हाईटेक कचरा पृथ्वी से बाहर अपने अंतरिक्ष में फेंक चुका है पिछले करीब 60 वर्षो के द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए उपग्रह मानवरहित कैप्सूल कार्गो यान मानव मिशन की बदौलत एक विशाल जंक्यार्ड बन गया है अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे नियर अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम की विशेषज्ञों ने बताया है की 1998 में अधिकारिक रूप से इन पिंडों की मौजूदगी के संबंध में सर्वेक्षण शुरू किए जाने के बाद से अनुमानित 1100 बड़े पिंडो में 700 का पता लगाया जा चुका है। Garbage in space

– खतरनाक

रिंग रोड के दर्शन वर्ष 1999 में नासा ने एक शोध के आधार पर आकलन किया था कि मनुष्य ने पृथ्वी से बाहर जो कचरा फेंका है वह लगभग 10 से 82 लाख किलोग्राम है इसमें धूमकेतु और शुद्र ग्रह के जरिए फैले कचरे को और जोड़ा जाए तो हमें पृथ्वी के चारों ओर एक भीड़ भरी और खतरनाक रिंग रोड के दर्शन होंगे अत्यधिक वेग से चक्कर काट रही यह चीजें खुले अंतरिक्ष में भ्रमण करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बहुत बड़ा खतरा है दिसंबर 2001 में साबित हो चुका है कि विभीषिका का यह अकेला चेहरा नहीं है क्योंकि तब स्पेस शटल की सहायता से 17 मंजिल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को खींचकर उच्च कक्षा में ले जाना पड़ा था ताकि परिक्रमा पथ में आए 6 मीटर लंबे सोवियत रॉकेट बूस्टर से उसे बचा जा सके अनुमान है कि पृथ्वी से 12 सौ मील की ऊंचाई पर अंतरिक्ष में मानव के हाथ से निर्मित और उससे वह छुट्टी हुई 1 लाख 10 हजार चीजें हैं जो आकार में 1 सेंटीमीटर या उससे भी बड़ी है इन चीजों में टूटे हुए उपग्रह के नेट बॉलट तक शामिल है इस कबाड़ की गति ही इसे किसी भी क्षण हथियार में बदल देती है आकलन के अनुसार यह कचरा करीब 600 मील की ऊंचाई पर 18000 मील प्रति घंटा या इससे अधिक गति से चक्कर काट सकता है। Garbage in space

इतनी अधिक गति से अगर यह कबाड़ किसी चीज से टकराता है तो उसके अंजाम की कल्पना की जा सकती है खतरा यह है कि कोई छोटी सी वस्तु भी उपग्रह की सुरक्षा परत को ध्वस्त कर सकती है या स्पेस वाक कर रहे अंतरिक्ष यात्री की पोशाक को काट सकती है जिससे उसका जीवन खतरे में पड़ सकता है खगोल वैज्ञानिकों ने बताया है कि अब जिस तरह उपग्रह छोड़ने होने वाले देशों की संख्या बढ़ रही है उससे स्पेस जंक भी बढ़ता जाएगा अब इस तरह से अंतरिक्ष में युद्ध का खतरा भी पैदा हो रहा है उससे इस कचरे की मात्रा में और इजाफा हो सकता है तो इस समस्या का हल क्या है इसके जवाब में लियो और जॉनसन का कहना है कि अंतरिक्ष में यह कबाड़ इकट्ठा कर वापस लाना ही समस्या का एकमात्र समाधान है इस तरह हम भविष्य के अंतरिक्ष शोध और स्पेस के व्यवसायीकरण की राह में पैदा होने वाली बाधाओं को रोक सकते हैं हालाकि यह वैज्ञानिक यह भी कहते  हैं कि आज की तारीख में हमारे पास सस्ती और कारगर तकनीक नहीं है जिससे अंतरिक्ष का कबाड़ साफ किया जा सके पर उनका मत है कि समस्या की गंभीरता को उद्घाटित करने पर वैज्ञानिक और शोधकर्ता जरूर इस बारे में कोई चिंतन शुरू करेंगे और कोई रास्ता निकाल लेंगे इन वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में प्रक्षेपित होने वाले उपग्रह और रॉकेट  के इंजनों में ऐसी तकनीक कायम की जा सकती है कि इस्तेमाल के बाद वे अंतरिक्ष में ना ठहरे बल्कि पावस पृथ्वी पर आ गिरे । Garbage in space

-सफाई का ठेका

अंतरिक्ष से कचरा वापस लाना बिल्कुल सस्ता काम नहीं है जहां तक पृथ्वी की कक्षा में मौजूद कबाड़ को साफ करने की बात है तो आज की तारीख में यह बहुत मुश्किल काम है बाहरी अंतरिक्ष मामलों के संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रोफेसर हॉउबोल्ड के मतानुसार एक अंतरिक्ष यान भेजकर ऐसा कुछ कचरा एकत्र कर पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है पर यह काम इतना खर्चीला है कि इस बारे में सोचना फिजूल है सस्ता विकल्प यह हो सकता है कि अपना मिशन पूर्ण कर लौट रहा कोई शटल थोड़ा बहुत कचरा भी बटोर कर अपने साथ लेते आए संयुक्त राष्ट्र ने भी इस बारे में एक रूपरेखा तैयार की है इसके अनुसार एक ऐसा उपग्रह बनाया जाए जो ऐसे कबाड़ को अंतरिक्ष में एक स्थान पर जमा करके उसे पृथ्वी की ओर धकेल दें यह कबाड़ या तो वायुमंडल में प्रवेश करते समय जलकर राख हो जाए या फिर इसे ऐसी दिशा दी जाएगी वह बिना कोई नुकसान पहुंचाए समुद्र में समा जाए बेशक इसमें भी अच्छा खासा खर्च है नासा ने अंतरिक्ष में मौजूद मानव निर्मित कबाड़ से जूझने की जो योजना बनाई है उसमें पृथ्वी से लेजर किरणे भेजकर अंतरिक्ष कचरे को या तो बाहरी कक्षा की ओर धकेल दिया जाएगा या फिर नष्ट कर दिया जाएगा अंतरिक्ष कबाड़ को वापस लाने के दो उदाहरण भी हैं जिनमें पहली बार स्काईलैब को 1979 मैं और 2000 में मीर को धरती पर लाया गया हालांकि इन  जानकारी से कुछ बहुमूल्य सबक मिलते हैं इनमें पहला पाठ है कि हम अंतरिक्ष के साथ वैसा ही उपेक्षा का व्यवहार कर रहे हैं जैसा तिरस्कार पूर्ण रवैया खुद के ग्रह के प्रति है अमेरिका में पिकनिक मनाने वाले एक उपयोगी नियम का पालन करते हैं जितना कूड़ा आप अपने पीछे छोड़ते हैं उसे ज्यादा बटोर कर लाइए बेशक जब यह बात पूरे पर्यावरण के बारे में लागू की जाती है चाहे यह पृथ्वी हो या अंतरिक्ष तो इससे ठीक उल्टा दृश्य देखने को मिलता है। Garbage in space


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